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एमडीएसयू और इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक का समझौता

एमडीएसयू और इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक का समझौता

“विद्यार्थियों के भविष्य को देगा नई दिशा” – प्रो. सुरेश कुमार अग्रवाल

ज्ञान से कौशल की ओर ऐतिहासिक पहल

अजमेर : 09 अप्रैल 2026

 बदलते वैश्विक परिदृश्य में उच्च शिक्षा को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित न रखकर उसे व्यावहारिकता और रोजगार से जोड़ना समय की आवश्यकता बन चुका है। इसी दृष्टिकोण को साकार करते हुए महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय , अजमेर ने इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) के साथ एक महत्वपूर्ण एवं दूरदर्शी समझौता ज्ञापन (MoU) संपन्न किया। 

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यह समझौता आज विश्वविद्यालय परिसर में औपचारिक रूप से सम्पन्न हुआ, जो शिक्षा और उद्योग के बीच एक सशक्त सेतु के रूप में उभरेगा।

शिक्षा में व्यावहारिकता का समावेश: विद्यार्थियों के लिए सुनहरा अवसर

कुलगुरु प्रो.सुरेश कुमार अग्रवाल ने बताया कि यह समझौता विद्यार्थियों को पारंपरिक शिक्षा से आगे बढ़ाकर उन्हें वास्तविक कार्यक्षेत्र का अनुभव प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके माध्यम से छात्र-छात्राओं को बैंकिंग एवं वित्तीय सेवाओं की बारीकियों को समझने, आधुनिक तकनीकों से परिचित होने और अपने कौशल को विकसित करने का अवसर मिलेगा। समझौते के अंतर्गत विद्यार्थियों को बैंकिंग क्षेत्र में इंटर्नशिप और लाइव प्रोजेक्ट्स का अनुभव मिलेगा, वित्तीय साक्षरता कार्यक्रमों, कार्यशालाओं एवं सेमिनारों में भागीदारी का अवसर मिलेगा, अपनी प्रतिभा और नवाचार को प्रदर्शित करने हेतु सशक्त मंच उपलब्ध होगा एवं उद्योग विशेषज्ञों के साथ संवाद के माध्यम से व्यावसायिक समझ भी विकसित होगी ।

प्रो. अग्रवाल के अनुसार इस समझौते के अंतर्गत दोनों संस्थाएं अपने-अपने स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाएंगी, जिससे विद्यार्थियों को अधिकतम लाभ प्राप्त हो सके। इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) विद्यार्थियों के लिए प्रशिक्षण, इंटर्नशिप और प्रोजेक्ट आधारित अवसर उपलब्ध कराएगा। साथ ही, बैंक द्वारा समय-समय पर कार्यशालाएं, प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं सेमिनार आयोजित किए जाएंगे, जिससे विद्यार्थियों को बैंकिंग क्षेत्र की वास्तविक कार्यप्रणाली का अनुभव प्राप्त हो सके। वहीं, महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को इन अवसरों से जोड़ने, उन्हें प्रेरित करने तथा उनके प्रदर्शन का मूल्यांकन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। विश्वविद्यालय द्वारा छात्रों को प्रशिक्षण के लिए आवश्यक मंच और शैक्षणिक सहयोग प्रदान किया जाएगा।

 

यह MoU विद्यार्थियों को केवल डिग्री प्राप्त करने तक सीमित नहीं रखेगा, बल्कि उन्हें रोजगार के लिए तैयार करने वाला समग्र अनुभव प्रदान करेगा। इससे विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, व्यावसायिक कौशल और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता का विकास होगा, जो उन्हें भविष्य में बेहतर करियर विकल्प चुनने में सहायक होगा।

कुलगुरु प्रो. अग्रवाल ने जानकारी दी कि यह पहल “स्किल इंडिया”, “डिजिटल इंडिया” और “आत्मनिर्भर भारत” जैसे राष्ट्रीय अभियानों के उद्देश्यों के अनुरूप है, जो युवाओं को कौशलयुक्त बनाकर देश के आर्थिक विकास में योगदान देने के लिए प्रेरित करती है। उन्होने बताया कि एमडीएसयू और IPPB के बीच यह समझौता केवल एक औपचारिक दस्तावेज नहीं, बल्कि यह एक दूरदर्शी पहल है, जो शिक्षा और उद्योग के बीच की दूरी को कम कर विद्यार्थियों के समग्र विकास का मार्ग प्रशस्त करती है। यह सहयोग आने वाले समय में विद्यार्थियों को न केवल बेहतर रोजगार अवसर प्रदान करेगा, बल्कि उन्हें एक सक्षम, जागरूक और आत्मनिर्भर नागरिक के रूप में स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। प्रो. अग्रवाल के अनुसार महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय और इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक का यह संयुक्त प्रयास शिक्षा के क्षेत्र में एक नई ऊर्जा और दिशा प्रदान करेगा। यह समझौता विद्यार्थियों के सपनों को साकार करने की दिशा में एक मजबूत कदम है, जो उन्हें ज्ञान, कौशल और अवसरों के त्रिवेणी संगम से जोड़ता है।

इस अवसर पर इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) से प्रशांत दादराओजी शिंदे, आशुतोष कुमार मिश्रा, सुनील कुमावत, निखिल सिंह उपस्थित थे | इस अवसर पर कुलसचिव कैलाश चन्द्र शर्मा एवं निदेशक MMTTC प्रो. शिव प्रसाद भी मौजूद रहे ।

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