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महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों ने निकाली भव्य ‘तिरंगा रैली’

महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों ने निकाली भव्य ‘तिरंगा रैली’

 कुलगुरु ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

तिरंगा हमारी आन, शान और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक – कुलगुरु प्रो. अग्रवाल

 

अजमेर : 10 अगस्त 2026

 

स्वाधीनता दिवस के पावन अवसर से पूर्व राष्ट्रभक्ति, राष्ट्रीय एकता और देश के प्रति कर्तव्यबोध की भावना को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय, अजमेर में सोमवार को विद्यार्थियों की भव्य ‘तिरंगा रैली’ का आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित इस रैली में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों, शोधार्थियों, शिक्षकों एवं विश्वविद्यालय अधिकारियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

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विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सुरेश कुमार अग्रवाल ने तिरंगा रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर पूरा विश्वविद्यालय परिसर राष्ट्रभक्ति के वातावरण से ओत-प्रोत दिखाई दिया। हाथों में तिरंगा लेकर विद्यार्थियों ने देश की एकता, अखंडता और गौरव का संदेश दिया तथा स्वाधीनता दिवस के उत्सव को राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों से जोड़ने का संकल्प लिया।

‘तिरंगा केवल ध्वज नहीं, भारत की राष्ट्रीय एकता और विकास यात्रा का प्रतीक’

रैली को संबोधित करते हुए कुलगुरु प्रो. सुरेश कुमार अग्रवाल ने कहा कि तिरंगा हमारी राष्ट्रीय एकता, विरासत और निरंतर प्रगति का जीवंत प्रतीक है। तिरंगे के तीनों रंग भारत के जीवन-मूल्यों और राष्ट्र निर्माण की दिशा को स्पष्ट करते हैं। उन्होंने कहा कि तिरंगे का केसरिया रंग त्याग, समर्पण और बलिदान का प्रतीक है, सफेद रंग शांति, सहयोग, सौहार्द और सद्भाव का संदेश देता है, जबकि हरा रंग समृद्धि, विकास और निरंतर प्रगति का प्रतीक है।

युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान

कुलगुरु ने कहा कि आज का युवा भारत की सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे शिक्षा, शोध, नवाचार, सामाजिक समरसता और राष्ट्रहित के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाएं।उन्होंने कहा कि तिरंगे के तीन रंगों में निहित संदेश—त्याग, शांति और विकास—को जीवन में आत्मसात करना ही सच्ची राष्ट्रसेवा है।

तिरंगा रैली का आयोजन राष्ट्रीय सेवा योजना समन्वयक एवं अधिष्ठाता, छात्र कल्याण विभाग के समन्वय से किया गया। रैली में शिक्षकों, शोधार्थियों, विद्यार्थियों एवं अधिकारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पूरे परिसर में राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और एकता का अद्भुत दृश्य देखने को मिला।

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