सम्राट पृथ्वीराज चौहान जयंती पर तारागढ़ दुर्ग पर फहराया भगवा ध्वज
सूर्य की पहली किरण के साथ तारागण मुख्य द्वार पर ध्वजारोहण
ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण और विकास कार्यों की उठी मांग
अजमेर :14 मई 2026
मानसी माहेश्वरी की रिपोर्ट
हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी सूर्य की पहली किरण के साथ सम्राट पृथ्वीराज चौहान जयंती के अवसर पर विश्व के प्रथम किले माने जाने वाले तारागढ़ दुर्ग में उनके वंशजों द्वारा सम्राट पृथ्वीराज चौहान की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। इसके साथ ही किले के मुख्य द्वार पर भगवा ध्वजारोहण कर राष्ट्र रक्षा का संकल्प लिया ।
कार्यक्रम के दौरान “सम्राट पृथ्वीराज चौहान अमर रहें”, “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम्” जैसे देशभक्ति नारों से वातावरण गूंज उठा।
कार्यक्रम संयोजक तरुण वर्मा के नेतृत्व में सम्राट पृथ्वीराज चौहान के वंशजों एवं विभिन्न सामाजिक संस्थाओं एवं संगठनो से जुडे लोगों ने सरकार से मांग की कि तारागढ़ किले सहित राजस्थान के सभी ऐतिहासिक किलों के संरक्षण के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध कराया जाए। उनका कहना है कि वर्तमान बजट पर्याप्त नहीं होने के कारण किलों का समुचित संरक्षण नहीं हो पा रहा है।
तारागण दुर्ग पर आयोजित कार्यक्रम मे वक्ताओं ने अपने उद्धबोधन मे कहा कि अजमेर को जिला बने 70 वर्ष पूरे हो चुके हैं, लेकिन आज तक तारागढ़ दुर्ग का पूर्ण संरक्षण नहीं हो पाया है। जिससे समाज के विभिन्न वर्गों में नाराज़गी और असंतोष प्रतीत हो रहा है ।
सनातन धर्म रक्षा संघ ने मांग की कि तारागढ़ की सातों बाउंड्री का संरक्षण किया जाए तथा क्षेत्र में स्थित पौराणिक एवं ऐतिहासिक स्थलों का नवीकरण कराया जाए। वक्ताओं ने कहा कि ये स्थल हमारी सभ्यता, संस्कृति और गौरवशाली इतिहास की पहचान हैं।
कार्यक्रम में मारवाड़ी भाषा को राजस्थान सरकार द्वारा उचित स्थान और सम्मान दिए जाने की मांग भी उठाई गई।
देशभक्ति पूर्ण कार्यक्रम में अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद अजमेर के सभी पदाधिकारी सैन्य वर्दी में और कार्यक्रम के मुख्य अतिथि चंद्र सिंह चौहान पूर्व एडिशनल एसपी रहें। संत सानिध्य साध्वी अनादि सरस्वती तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता अजय शर्मा ने तथा कार्यक्रम संयोजक तरुण वर्मा संचालन करी। कार्यक्रम में सनातन धर्म रक्षा संघ अजमेरु सहित, सर्व पंथ समादर मंच, अजमेर व्यापार महासंघ, मानव अधिकार मिशन, पर्यावरण जागरण मंच, सैनिक कल्याण समिति, तारागढ़ तिरंगा समिति, के पदाधिकारी डॉक्टर कुलदीप शर्मा, डॉक्टर लाल थदानी, मीना चौहान ,नारायण सिंह, कालीचरण ,रमेश लालवानी ,लोकेश सैनी, रामजस प्रकाश बाल सिंह ,कृष्ण गोपाल मिश्रा, चौहान बिरम सिंह रावत, महेंद्र सिंह, देवेंद्र त्रिपाठी ,विशेष त्रिवेदी एवं अनेकों संगठनों के पदाधिकारी रहें।
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के अधिकारियों के साथ तारागढ़ किले का निरीक्षण किया था। राज्य सरकार द्वारा तारागढ़ के विकास एवं संरक्षण कार्यों के लिए 20 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की योजना बनाई गई है।
