सम्राट पृथ्वीराज चौहान राजकीय महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना का राज्य स्तरीय पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित
Mohit Jain
सम्राट पृथ्वीराज चौहान राजकीय महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना का राज्य स्तरीय पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित
प्रत्येक युवा आत्मनिर्भर संवेदनशील अनुशासन और राष्ट्र के प्रति सर्मपित हो
– डॉ. प्रेमचन्द बैरवा
अजमेर : 24 मार्च 2026
सम्राट पृथ्वीराज चौहान राजकीय महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना का राज्य स्तरीय पुरस्कार वितरण समारोह-2026 का आयोजन मंगलवार को किया गया।
समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में राजस्थान के उप मुख्यमंत्री एवं उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमचन्द बैरवा ने इस अवसर पर कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना का ध्येय वाक्य मैं नहीं हम मात्र एक प्रतीक नहीं है। यह युवाओं की सोच और समाज के प्रति उनकी सकारात्मकता का प्रतिबिंब है। डॉ. बैरवा ने राष्ट्रीय युवा नीति तथा राज्य युवा नीति की विवेचना करते हुए स्पष्ट किया कि सेवा मात्र पुस्तकीय ज्ञान नहीं है। यह गांव, गरीब की सेवा से प्राप्त होने वाला संतोष है।
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उन्होंने पुरस्कृत होने वाले सभी स्वयंसेवकों को शुभकामनाऐं देते हुए कहा कि आप सभी राज्य के युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत है। आपका अनुशासन निःस्वार्थता तथा राष्ट्र सेवा देश के लिए अमूल्य धरोहर है। स्वच्छता, जन सेवा, रक्त दान एवं आपदा राहत में राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों ने विशेष कार्य किया है। सेवा में ही सच्ची राष्ट्रीयता है। आत्मनिर्भर, संवेदनशील, अनुशासित, राष्ट्र के प्रति समर्पित युवा निर्माण एनएसएस का उद्देश्य है।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के राष्ट्रीय संगठन मंत्री महेन्द्र कपूर ने इस अवसर पर कहा कि समाज के कष्ट को अनुभवकर उसके निवारण में अपना हर संभव योगदान देना ही सेवा है। राष्ट्र को सर्वोपरि मानते हुए उसमें अपनी भूमिका निर्धारित कर उसका क्रियान्वयन सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। कपूर ने आधुनिक शिक्षण संस्थाओं को आधुनिक गुरूकुल की संज्ञा देतेे हुए स्पष्ट किया कि शिक्षण संस्थान ही राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका को निश्चित करते हैं।
उन्होंने कहा कि मात्र सरकार पर आश्रित होना उचित नहीं है और अपने सामर्थ्य का आकलन कर स्वयं को राष्ट्र के लिए समर्पित करने का भाव सर्वाधिक महत्वपूर्ण रहा है। कार्यक्रम के विशिष्ट वक्ता श्री प्रमेन्द्र सिंह ने साइबर अपराध की विशिष्ट विवेचना करते हुये इसकी चुनौतियां तथा उनके निवारण का व्यापक विश्लेषण प्रस्तुत किया। सिंह ने मोबाइल फोन तथा कम्प्यूटर से जुड़े विभिन्न अपराधों तथा उनसे मुक्ति के अनेक उपायों की व्याख्या की।
कार्यक्रम के अध्यक्ष तथा महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. मनोज कुमार बहरवाल ने इस अवसर पर सभी अतिथियों का स्वागत करते हुये कहा कि युवाओं को प्रोत्साहन तथा उनकी ऊर्जा को सही दिशा प्रदान करना शिक्षण संस्थानों का मूल उद्देश्य है। उन्होंने विजेता स्वयंसेवकों को आर्शीवाद तथा शेष विद्यार्थियों के लिये प्रेरणा के स्त्रोत के रूप में वर्णित किया।
युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के क्षेत्रीय निदेशक सिन्धु प्रकाश भटनागर ने इस अवसर पर कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना की शुरूवात बडे़ सीमित संसाधनों से हुई थी लेकिन आज यह भारत के सबसे प्रभावशाली तथा व्यापक युवा संगठनों में से एक है। उन्होंने कहा कि राजस्थान राष्ट्रीय सेवा योजना की राष्ट्रीय रैकिंग में सदेव सर्वाच्च पाँच स्थानों में रहा है। इसके लिए स्वयंसेवक व कार्यक्रम अधिकारी बधाई के पात्र है। उन्होंने एक गंभीर प्रश्न उठाते हुये कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना मात्र केन्द्रीय आर्थिक सहयोग पर निर्भर है जबकि इसके विस्तार के लिये यह आवश्यक है कि राज्य सरकार भी इसमें कुछ अंशदान करे ताकि इसे और विस्तार दिया जा सके।
अजमेर जिले के राष्ट्रीय सेवा योजना के समन्वयक डॉ. हरभान सिंह ने इस अवसर पर अपनी टीम द्वारा निर्मित स्मारिका, पत्रिका सेवा सृष्टि एवं दैनिक डायरी का विमोचन के लिए प्रस्तुत की। इसी अवसर पर समाजशास्त्र विभाग द्वारा सामाजिक विकास और प्रौद्योगिकी पुस्तक का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. उमेश दत्त, डॉ. सरिता चांवरिया, डॉ. गजेन्द्र मोहन तथा डॉ. अन्नपूर्णा सोनी ने किया।
कार्यक्रम के अंत में अजमेर संभाग के सहायक निदेशक प्रो. अनिल कुमार दाधीच ने धन्यवाद ज्ञापित किया तथा आशा व्यक्त की कि सभागार में विध्यमान सम्पूर्ण राजस्थान के प्रतिनिधि यहां से मिले ज्ञान को अपने महाविद्यालयों में विद्यार्थियों के माध्यम से चरितार्थ करने प्रयास करेगें।