अजमेर जिले में घरेलु गैस सिलेण्डरों के अवैध उपयोग पाए जाने पर विभिन्न स्थानों पर कार्यवाही करते हुए 564 घरेलू गैस सिलेण्डर जब्त किए गए।
वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के दृष्टिगत जिले में एलपीजी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने, कालाबाजारी रोकने एवं प्रभावी निगरानी के लिए जिला रसद विभाग द्वारा गुरूवार को पुष्कर क्षेत्र में संचालक रोहित कुमावत पुष्कर गैस एजेन्सी के अवैध गैस कारोबार के विरुद्ध एक बड़ी एवं समन्वित कार्रवाई की गई। जिला रसद विभाग की टीम द्वारा आवश्यक वस्तु अधिनियम के अंतर्गत छापामार कार्रवाई करते हुए कुल 564 एलपीजी गैस सिलेंडर जब्त किए गए हैं।
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जिला रसद अधिकारी मोनिका जाखड़ एवं नीरज कुमार जैन द्वारा कार्यवाही की गई। टीम ने प्रारंभिक कार्रवाई देवनगर रोड स्थित एक मकान पर की। जहां से 64 गैस सिलेंडर बरामद किए गए। इसके पश्चात कार्रवाई का दायरा बढ़ाते हुए बागोलाई क्षेत्र में एक बड़े गोदाम पर दबिश दी गई। यहां से 500 सिलेंडर जब्त किए गए। इनमें से 432 गैस सिलेण्डर खाली एवं 68 गैस सिलेण्डर (14.5 किग्रा क्षमता) भरे हुए मिले।
इसी प्रकार विभिन्न निजी गैस एजेंसियों के नाम पर संचालित इस नेटवर्क के पास निर्धारित सीमा लगभग 100 किलोग्राम से कहीं अधिक मात्रा में गैस का भंडारण पाया गया। यह नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। जांच में यह भी उजागर हुआ है कि अलग-अलग स्थानों पर अवैध गोदाम बनाकर बड़ी मात्रा में गैस सिलेंडरों का भंडारण एवं सप्लाई की जा रही थी।
रोहित कुमावत ने फर्म एजीस प्यूरगैस के संबंध में पंचौली गैस डिस्ट्रीब्यूटर तथा फर्म इन्द्रा गैस के संबंध में इन्द्रा गैस एण्ड पैट्रोलियम प्राईवेट लिमिटेड का डिलर होना बताया। मौके पर इन सभी गैस सिलेण्डरों के खरीद और बिक्री संबंधी बिल और अन्य दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किये गये। उपभोक्ताओं को कनेक्शन जारी करने तथा रिफिल देने के संबंध में जानकारी नहीं दी गयी। इस गोदाम में 68 भरे हुये सिलेण्डरों में 986 किलोग्राम गैस पायी गयी। जबकि एलपीजी नियमों के अनुसार बिना विस्फोटक लाइसेंस के एक स्थान पर 100 किलोग्राम से अधिक गैस का भंडारण नितांत अवैधनिक कृत्य है। गोदाम में जब पूर्ण क्षमता के 600 भरे हुये सिलेण्डरों का भंडारण होता है, तब भंडारित एलपीजी गैस की मात्रा 8500 किलोग्राम हो जाती है। जबकि फर्म द्वारा कोई सुरक्षा मानक नहीं अपनाये जाते। यह भंडारण कभी भी किसी बहुत भयानक हादसो को बुलावा दे सकता है।
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जिला रसद अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि दोषियों के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्यवाही की गई। यह कृत्य द्रवीकृत पैट्रोलियम गैस (आपूर्ति एवं वितरण विनियमन) आदेश, 2000 व आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 का स्पष्ट उल्लंघन है। जांच दल में प्रवर्तन अधिकारी सुनिता शर्मा एवं मीना कुमारी, प्रवर्तन निरीक्षक महेन्द्र कुमार यादव, मुकेश बुगालिया एवं राहुल कुमार वेदवाल उपस्थित रहे।