एमडीएस यूनिवर्सिटी में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष व्याख्यान आयोजित
छात्र-केंद्रित शिक्षा, बहु-प्रवेश-बहु-निकास और अकादमिक लचीलेपन पर जोर
अजमेर : 17 जनवरी 2026
महर्षि दयानन्द सरस्वती विश्वविद्यालय, अजमेर के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) द्वारा कणाद भवन स्थित बॉटनी हॉल में “राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का क्रियान्वयन: विभिन्न घटकों का समन्वय” विषय पर एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन, वंदेमातरम् एवं विश्वविद्यालय के कुलगीत के साथ हुआ।
आईक्यूएसी की निदेशक प्रो. ऋतु माथुर ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि उच्च शिक्षा में गुणवत्ता मानकों की स्थापना और सतत उन्नयन में आईक्यूएसी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को विश्वविद्यालयों के लिए परिवर्तनकारी दस्तावेज बताते हुए इसके प्रभावी क्रियान्वयन को समय की आवश्यकता बताया ।
मुख्य वक्ता राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय, कोटा के कुलगुरु प्रो. निमित चौधरी ने अपने व्याख्यान में नीति के मूल सिद्धांतों को सरल भाषा में स्पष्ट किया। उन्होंने पारंपरिक “पुश सिस्टम” की तुलना में एनईपी द्वारा प्रोत्साहित “पुल सिस्टम” को छात्र-केंद्रित शिक्षा का आधार बताया, जिसमें विद्यार्थी अपनी रुचि के अनुरूप विभिन्न विषयों से क्रेडिट अर्जित कर सकते हैं। उन्होंने जामिया मिलिया इस्लामिया का उदाहरण देते हुए बहु-प्रवेश एवं बहु-निकास प्रणाली तथा अकादमिक लचीलेपन को भविष्य की शिक्षा के लिए अत्यंत उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि यह नीति विद्यार्थियों में नवाचार, बहु-कौशल और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देगी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता वनस्पति विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. अरविंद पारीक ने की, अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा के समावेश के साथ समग्र, बहुआयामी और मूल्य-आधारित शिक्षा पर बल दिया।
कार्यक्रम में धन्यवाद ज्ञापन डॉ. शिप्रा जैन ने किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के अनेक प्राध्यापक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।


