Thursday, October 8, 2026
spot_img
Homeअजमेरएमडीएस यूनिवर्सिटी में 72वें राष्ट्रीय वन्यजीव सप्ताह का समापन

एमडीएस यूनिवर्सिटी में 72वें राष्ट्रीय वन्यजीव सप्ताह का समापन

एमडीएस यूनिवर्सिटी में 72वें राष्ट्रीय वन्यजीव सप्ताह का समापन

विद्यार्थियों ने दिखाई वन्यजीव संरक्षण के प्रति उत्साहपूर्ण भागीदारी

अजमेर: 8 अक्टूबर 2026

 

महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय, अजमेर के पर्यावरण विज्ञान विभाग एवं प्राणीशास्त्र विभाग द्वारा 2 से 8 अक्टूबर 2026 तक राष्ट्रीय वन्यजीव सप्ताह का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम अजमेर वन विभाग तथा भारतीय वन्यजीव संस्थान के वन्यजीव एवं संरक्षित क्षेत्र ईआईएसीपी केंद्र के सहयोग से आयोजित किया गया। सप्ताहभर चले इस आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं आमजन में वन्यजीव संरक्षण, जैव विविधता तथा पर्यावरणीय उत्तरदायित्व के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।

विज्ञापन
विज्ञापन

कार्यक्रम के अंतर्गत अजमेर एवं आसपास के विभिन्न प्राकृतिक स्थलों पर बर्ड वॉक का आयोजन किया गया। इन गतिविधियों में विद्यार्थियों, शोधार्थियों, शिक्षकों तथा प्रकृति प्रेमियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बर्ड वॉक का आयोजन 2 अक्टूबर को रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन, 3 अक्टूबर को श्रवण सागर, 4 अक्टूबर को नगर वन उद्यान, 5 अक्टूबर को अजमेर के आर्द्रभूमि क्षेत्रों तथा 7 अक्टूबर को एमडीएस विश्वविद्यालय परिसर में किया गया। प्रतिभागियों को पक्षियों की पहचान, उनके व्यवहार, पारिस्थितिकी तथा शहरी एवं अर्ध-शहरी क्षेत्रों में प्राकृतिक आवासों के संरक्षण के महत्व के बारे में जानकारी प्रदान की गई।

वन्यजीव सप्ताह के दौरान विद्यार्थियों की रचनात्मक एवं बौद्धिक सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया। वन्यजीव प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में 42 विद्यार्थियों ने भाग लिया। प्रतियोगिता में अर्पिता सरदीवाल, वेदिका इनानी एवं मुस्कान सैनी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं दीपिका कुमावत, अंजिता जांगिड़ एवं चित्रांशी जोनवाल उपविजेता रहीं। वन्यजीव फोटोग्राफी प्रतियोगिता में 20 विद्यार्थियों ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने प्रकृति एवं जैव विविधता पर आधारित उत्कृष्ट छायाचित्र प्रस्तुत किए। इस प्रतियोगिता में विकास जांगिड़ विजेता तथा अमीषा कड़वासरा उपविजेता रहीं।

 आशु भाषण प्रतियोगिता में 5 विद्यार्थियों ने वन्यजीव संरक्षण एवं पर्यावरणीय चुनौतियों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। तनमय पंवार विजेता तथा प्रखर यादव उपविजेता रहे। डिजिटल इन्फोग्राफिक प्रतियोगिता में 15 विद्यार्थियों ने भाग लिया। प्रतियोगिता में आयुषी मीणा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि हुदा मलिक उपविजेता रहीं।

विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सुरेश कुमार अग्रवाल ने राष्ट्रीय वन्यजीव सप्ताह के सफल आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि, “जैव विविधता का संरक्षण केवल वैज्ञानिकों और वन विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों को प्रकृति से जोड़ते हैं और उनमें पर्यावरण संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता विकसित करते हैं। युवा पीढ़ी की सक्रिय भागीदारी भविष्य में सतत विकास और वन्यजीव संरक्षण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।”

पर्यावरण विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. सुब्रतो दत्ता ने कहा कि, “वन्यजीव सप्ताह केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि प्रकृति और मानव के बीच संतुलित संबंध स्थापित करने का एक प्रयास है। बर्ड वॉक जैसी गतिविधियाँ विद्यार्थियों को कक्षा के बाहर सीखने का अवसर प्रदान करती हैं तथा स्थानीय जैव विविधता के महत्व को समझने में सहायता करती हैं। हमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ संरक्षण प्रयासों को समाज तक पहुंचाना होगा।”

प्राणीशास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो. सुभाष चंद्र ने अपने संबोधन में कहा कि, “वन्यजीव हमारे पारिस्थितिक तंत्र की आधारशिला हैं। यदि हम जैव विविधता की रक्षा करेंगे, तभी स्वस्थ और संतुलित पर्यावरण सुनिश्चित कर पाएंगे।

राष्ट्रीय वन्यजीव सप्ताह 2026 के सफल आयोजन ने विद्यार्थियों एवं प्रतिभागियों में वन्यजीवों और प्राकृतिक पारिस्थितिक तंत्रों के प्रति जागरूकता और सराहना को बढ़ावा दिया। पक्षी अवलोकन, प्रतियोगिताओं और संवादात्मक गतिविधियों के माध्यम से कार्यक्रम ने जैव विविधता संरक्षण के महत्व को प्रभावी ढंग से रेखांकित किया। एमडीएस विश्वविद्यालय, अजमेर वन विभाग तथा भारतीय वन्यजीव संस्थान के संयुक्त प्रयासों से यह आयोजन सभी प्रतिभागियों के लिए ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक और यादगार अनुभव साबित हुआ।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments