नीट परीक्षा रद्द होने पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगते हुए कांग्रेस ने फूंका पुतला
कांग्रेस ने की NTA भंग करने की मांग
अजमेर : 13 मई 2026
(मानसी माहेश्वरी की रिपोर्ट)
3 मई 2026 को आयोजित NEET UG 2026 परीक्षा रद्द होने के बाद देशभर के लगभग 23 लाख अभ्यर्थियों और उनके परिवारों में भारी निराशा और आक्रोश देखने को मिल रहा है। लाखों विद्यार्थियों ने वर्षों की मेहनत और मानसिक दबाव के बीच परीक्षा दी थी, लेकिन परीक्षा रद्द होने के निर्णय ने उन्हें फिर से असमंजस और तनाव की स्थिति में ला खड़ा किया। हालांकि परीक्षा दोबारा आयोजित करने की घोषणा कर दी गई है, फिर भी छात्रों और अभिभावकों को हुई मानसिक, आर्थिक और शारीरिक परेशानियां कम नहीं हुई हैं।
केंद्र सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपों की व्यापक जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपने का निर्णय लिया है।
देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-2026 में कथित पेपर लीक और परीक्षा घोटाले के विरोध में आज बुधवार को राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर अजमेर में कांग्रेस ने जोरदार प्रदर्शन किया । किशनगढ़ विधायक एवं जिला कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. विकास चौधरी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं, छात्र नेताओं, अभ्यर्थियों और अभिभावकों ने जिला कलेक्ट्रेट का घेराव कर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंक कर उनके इस्तीफे की मांग की। साथ ही राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए एजेंसी को भंग करने की मांग भी की गई।
मीडिया से बातचीत करते हुए विधायक डॉ. विकास चौधरी ने कहा कि यह केवल एक परीक्षा में गड़बड़ी का मामला नहीं, बल्कि देश के लाखों युवाओं के सपनों, मेहनत और विश्वास के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने कहा कि लाखों छात्रों ने वर्षों की कठिन मेहनत, मानसिक तनाव और आर्थिक संघर्ष के बाद NEET-2026 परीक्षा दी, लेकिन केंद्र सरकार और NTA की विफलता ने पूरी परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को निजी माफियाओं और दलालों के हाथों में सौंप दिया है। उनके अनुसार NTA पूरी तरह विफल संस्था साबित हुई है और बार-बार होने वाले पेपर लीक केवल लापरवाही नहीं, बल्कि संगठित भ्रष्टाचार का संकेत हैं।
कांग्रेस नेताओं ने इसे केवल “सिस्टम फेलियर” नहीं, बल्कि संभावित मिलीभगत का मामला बताया। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि प्रश्नपत्र पूरी तरह सुरक्षित था, तो वह परीक्षा से पहले बाजार तक कैसे पहुंचा। साथ ही यह भी पूछा कि किसके संरक्षण में पेपर माफिया सक्रिय रहे और किन लोगों ने लाखों छात्रों के भविष्य को पैसों के लिए दांव पर लगा दिया।
कांग्रेसी नेताओ ने आरोप लगाया कि परीक्षा व्यवस्थाओं में लगातार सामने आ रही गड़बड़ियां विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हैं और सरकार शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी एवं सुरक्षित बनाने में विफल रही है।
कांग्रेस नेताओं और प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाए जाएं।
प्रदर्शन में अजमेर ग्रामीण कांग्रेस के जिला अध्यक्ष एवं किशनगढ़ विधायक डॉ. विकास चौधरी, पूर्व मंत्री नसीम अख्तर, पूर्व विधायक रामनारायण गुर्जर, डेयरी अध्यक्ष रामचंद्र चौधरी, शिव प्रकाश गुर्जर, वाजिद खान चीता, PCC सचिव डॉ. सुनील लारा, सौरभ बजाड, NSUI अजमेर ग्रामीण जिला अध्यक्ष अंकित घारू तथा एडवोकेट हरि सिंह गुर्जर सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसी नेता मौजूद रहे।




