Thursday, August 27, 2026
spot_img
Homeअजमेरभगवान देवनारायण को जाति विशेष में बांटना उचित नहीं है, वे लोक...

भगवान देवनारायण को जाति विशेष में बांटना उचित नहीं है, वे लोक देवता नहीं अपितु देवता है – भड़ाना

भगवान देवनारायण मंदिर के 223 वर्ष पुराने प्राचीन मंदिर के भव्य भवन निर्माण हेतु आयोजित भूमि पूजन के समारोह में देवनारायण बोर्ड अध्यक्ष, एवं प्रदेश महामंत्री भाजपा ओमप्रकाश भडाना ने मंत्रोचार के साथ ईट पूजन कर भवन की नींव रखी

अजमेर : 5 अक्टूबर 2024

 देवनारायण सेवा समिति माखुपुरा की ओर से भगवान देवनारायण मंदिर के 223 वर्ष पुराने प्राचीन मंदिर के भव्य भवन निर्माण हेतु आयोजित भूमि पूजन के समारोह में देवनारायण बोर्ड अध्यक्ष, एवं प्रदेश महामंत्री भाजपा ओमप्रकाश भडाना ने मंत्रोचार के साथ ईट पूजन कर भवन की नींव रखी। अपने मुख्य अतिथि उद्भोदन में देवनारायण बोर्ड अध्यक्ष एवं प्रदेश महामंत्री भाजपा ओमप्रकाश भड़ाना ने कहां की भगवान विष्णु के 6वे अवतार के रूप में लोक कल्याण हेतु अवतरित भगवान देवनारायण का यह स्थान केवल एक मंदिर ना होकर हमारे सांस्कृतिक, आध्यात्मिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र होगा। इस मंदिर में मत्था टेकने पर ना केवल शांति बल्कि सद्भाव का संचार होगा। यह भी कहा जिस प्रकार कंस का अंत करने के लिए भगवान श्री कृष्णा अवतरित हुए इस प्रकार तत्कालीन कंस रूपी राणा के संहार के लिए भगवान देवनारायण प्रकट हुए। भड़ाना जी ने कहा की यह मंदिर केवल एक समाज का न होकर सभी सनातनियो की आस्था और समरसता का केंद्र बने।

 इसके लिए आवश्यक है कि इस इस मंदिर निर्माण हेतु सभी जाति बिरादरी से उपर उठकर प्रत्येक हिन्दू परिवार से न केवल श्रद्धा अनुसार सहयोग लिया जाए बल्कि गठित होने वाली समिति में भी सभी जातियों का प्रतिनिधित्व हो। जातियों के अनुसार मंदिर निर्माण हिंदू धर्म को विभाजित करने की कुरीति है। उन्होंने आग्रह किया कि इस मंदिर के माध्यम से हम ग्रामवासी एकजुट होकर उन मूल्यों को पुन स्थापित करें जो हमें एक स्वस्थ, शिक्षित और समृद्ध समाज की दिशा में बढ़ाने में मदद करें। 

समारोह की अध्यक्ष एवं अजमेर दक्षिण की विधायिका अनीता भदेल ने कहा कि भगवान देवनारायण जी किसी कि कोख से नहीं बल्कि पहाड़ों पर कमल के पुष्प से उत्पन्न हुए हैं अतः भगवान देवनारायण को जाति विशेष में बांटना उचित नहीं है, वे लोक देवता नहीं अपितु देवता है, भदेल जी ने आशा प्रकट की की ये मंदिर सनातन संस्कृति के संरक्षण का केंद्र बने, यहां गुरुकुल परंपरा अनुसार आध्यात्मिक ज्ञान का प्रसार हो, सामाजिक कुरीतियों का उन्मूलन कर सामाजिक उत्थान का केंद्र बने 

इस अवसर पर श्री देवनारायण मंदिर पुष्कर महंत दयाल नाथ, पार्षद मनीष गुर्जर, पार्षद सोहन सिंह रावत, लादू गुर्जर, पूसा गुर्जर, कान्हा गुर्जर,सरदार गुर्जर, सत्तू गुर्जर महेंद्र बागड़ी, विराट गुर्जर, राजेश घाटे, यशवंत शर्मा सहित अन्य ग्रामीण भी उपस्थित रहे।

RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments