Tuesday, August 25, 2026
spot_img
Homeअजमेरचिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के द्वारा पूरे प्रदेश में कृमि मुक्ति दिवस...

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के द्वारा पूरे प्रदेश में कृमि मुक्ति दिवस का आयोजन किया

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के द्वारा पूरे प्रदेश में कृमि मुक्ति दिवस का आयोजन किया जा रहा है इस क्रम में अजमेर जिले में भी कृमि मुक्ति दिवस का आयोजन किया गया।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर ज्योत्सना रंगा एवं अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर रामलाल जाट द्वारा राजकीय महात्मा गांधी विद्यालय एमपीएस स्कूल के पास वैशाली नगर में बच्चों को कृमि मुक्ति दवा खिलाकर किया गया।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर ज्योत्सना रंगा ने बताया कि कृमि (पेट के कीड़े) बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास को कई तरह से प्रभावित कर सकते हैं। यहाँ कुछ प्रमुख तरीके हैं जिनसे कृमि बच्चों के विकास को रोकते हैं:

पोषण की कमी: पेट के कृमि बच्चों के शरीर में प्रवेश करके उनकी आंतों से पोषक तत्वों को सोख लेते हैं। इससे बच्चे को आवश्यक विटामिन, मिनरल्स, और अन्य पोषक तत्व नहीं मिल पाते, जो उसके शारीरिक विकास के लिए जरूरी होते हैं।

रक्ताल्पता (एनीमिया): कुछ कृमि, विशेष रूप से हुकवर्म, शरीर से खून चूसते हैं, जिससे बच्चे में एनीमिया हो सकता है। एनीमिया से बच्चों में कमजोरी, थकावट, और मानसिक विकास में बाधा आ सकती है।

भूख में कमी: कृमि संक्रमण से बच्चों की भूख कम हो सकती है, जिससे वे पर्याप्त मात्रा में भोजन नहीं कर पाते। यह स्थिति उनके वजन और ऊंचाई में कमी का कारण बन सकती है।

बीमारी और संक्रमण: कृमि संक्रमण से बच्चों को बार-बार दस्त और अन्य बीमारियाँ हो सकती हैं, जिससे उनके शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो जाती है, और उनका इम्यून सिस्टम कमजोर हो सकता है।

सीखने की क्षमता में कमी: कृमि से प्रभावित बच्चों में शारीरिक कमजोरी और पोषण की कमी के कारण पढ़ाई में ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई होती है। इससे उनकी स्कूल में प्रदर्शन और सीखने की क्षमता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

विकास में रुकावट: लगातार कृमि संक्रमण से बच्चों का शारीरिक विकास धीमा हो सकता है, और वे अपने उम्र के अनुसार सही ढंग से नहीं बढ़ पाते।

इसी प्रकार अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर रामलाल चौधरी ने जानकारी दी कि यह कार्यक्रम 10 अगस्त को समस्त अजमेर जिले के स्कूल, कॉलेज व आंगनबाड़ी मे मनाया जाएगा जिसमें 1 वर्ष से लेकर 19 वर्ष तक के बच्चों एवं किशोर किशोरियों को यह दवा खिलाई जाएगी उन्होंने बताया कि यदि अगर कोई बच्चा इस दिन यह दावा नहीं ले सकता है तो माप अप राउंड में जो की 17 अगस्त को मनाया जाएगा बचे हुए सभी बच्चों को उसे दिन यह दवा खिलाई जाएगी यह दावा सभी स्कूल,कॉलेज में ,आंगनबाड़ी केंद्र पर निशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी एवं बच्चों को खिलाई जाएगी।

इस अवसर पर राजकीय महात्मा गांधी स्कूल के प्राचार्य,शिक्षक व अन्य स्टाफ मौजूद रहे इसी तरह वैशाली नगर स्थित डिस्पेंसरी के चिकित्सा प्रभारी डॉक्टर यशवंत गुरुबक्षनी एवं उनका स्टाफ एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय के अधिकारी वह कर्मचारी मौजूद रहे।

RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments