पोषण अभियान के माध्यम से जिले को कुपोषण मुक्त करने के लिए जिला कलक्टर लोक बन्धु की अध्यक्षता में गुरूवार को समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया।
लोकबंधु , जिला निर्वाचन अधिकारी (फाइल)
जिला कलक्टर लोक बन्धु ने कहा कि जिले में अतिगम्भीर कुपोषित (सेम) एवं मध्यम गम्भीर कुपोषित (मेम) बच्चों को सामान्य श्रेणी में लाने के लिए पोषण अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान की गतिविधियों की बैठक में समीक्षा की गई। इसके सफल एवं सुचारू क्रियान्वयन के लिए जिला रसद अधिकारी डॉ. नेहा राजपूत को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। इस जिला स्तरीय समिति में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ज्योत्स्ना रंगा, महिला एवं बाल विकास विभाग के उप निदेशक महेश कुमार गुप्ता, राजीविका के जिला परियोजना प्रबन्धक, जिला प्रजनन एवं बाल स्वास्थ्य अधिकारी, खाद्य सुरक्षा अधिकारी, जिला स्तरीय पोषण विशेषज्ञ एवं राजीविका के नामित प्रतिनिधि सदस्य होंगे।
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उन्होंने कहा कि इस अभियान के लिए जिले में 6 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों का सर्वे किया गया। इसमें सेम श्रेणी के 121 तथा मेम श्रेणी के 2693 बच्चों का चिह्निकरण हुआ। इन बच्चों को जिला प्रशासन द्वारा पूर्व में मिल रहे पूरक पोषाहर के अतिरिक्त पोषक लड्डू दिए जाएंगे। इन पोषक लड्डू के उपयोग लेने के साथ-साथ अभिभावकों को संतुलित आहार के प्रति जागरूक भी किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि पोषण अभियान के माध्यम से पोषण सामग्री के उपयोग से बच्चों में होने वाले परिवर्तन की मॉनेटिरिंग की जाएगी। शारीरिक विकास से जुड़े विभिन्न पांच मानकों के आधार पर बच्चों की जांच होगी। प्रत्येक सेम बच्चे की एएनएम एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ता के साथ मैपिंग की जाएगी। इनके द्वारा बच्चे में साप्ताहिक परिवर्तन की रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसी प्रकार मेम बच्चों की पाक्षिक मॉनिटिरिंग आशा सहयोगिनी, सहायिका एवं कार्यकर्त्ता द्वारा होगी। इन बच्चों के परिवारों को अन्य योजनाओं से लाभान्वित करना सुनिश्चित किया जाएगा।